मिल गई

कल जो मन्नत मांगी थी,
आज वो जन्नत में बदल गई।
रोशन चांद के उजाले में वो सूरत मिल गई,
खुदा से जो चाही वो बरकत मिल गई ।
इश्क की तहजीब में वो आरजू मिल गई,
सजदे में उनके हिफाजत मिल गई ।

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